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GOV: UGC कानून के पीछे क्या है मोदी का असली रूप और मकसद सातीर दिमाग रचा परपंच

UGC कानून 13 जनवरी 2026 को लाया गया ताकि सभी को समान अधिकार मिल सके जिससे लोग पढ़ाई उच्च शिक्षा मे सभी को समान अधिकार मिल सके

इसका असली मकसद हमारे सरकार का ये था की आए दिन सभी जाति के लोग मिल कार सरकार से उसके अधूरे सवाल करते थे तो हमरे साकार को प्रॉब्लमस से दर नहीं लगता दर तो उनको इस बात से लगता है की सभी जनता मिलकार उनसे सवाल करती है तो हमारे सरकार ने ये सोचा की क्यू न इन लोग को आपस मे ही जात के नाम पर लराय जाए क्यू की धर्म के नेम पर तो पहले से ही लार्वा रहे थे तो लोग उनके चाल को समझ गया था तो सरकार ने यह सोचा की बहुत हुया धर्म के नाम पर लराई अब इनको जाति के नेम पर लरवाते है तो हमारे प्यारे से सरकार ने एक नियम निकला जिसका नाम था UGC जिसमे की जेनरल वालों को अलग और ओबीसी और एससी एसटी के लोगों मे बात दिया जिससे की लोग आपस मे ही दोनों आपस मे लराई करे और उलझ जाए सरकार से कोई कुछ सवाल न करे और हुया भी वही हम लोग आपस मे लरने लगे सरकार से सवाल करना बंद करके ।

और फिर सरकार ने उसको न तो लागू किया न ही पूरी तरह से कैन्सल किया बस 28 जनवरी 2026 को उसको अगले नोटिस तक रोक लगा दिया गया ताकि जेनरल वाले ये सोच कर खुस है की यूजीसी लागू नहीं हुया और ओबीसी और एससी एसटी के लोग ये सोचकर खुस है की चलो सरकार ने काम से काम हमारे बरे मे सोच तो और अभी यूजीसी कैन्सल हुया भी तो नहीं और अब हम लोग आपस मे लार रहे है तो मेरा आपसे यही कहना है की सरकार के असली मुद्धहो को समझो न की बेबकूफ़ों के तरह आपस मे ही लरों ।