मुंगेर जिले से 20 जनवरी को लापता हुए एसबीआई के असिस्टेंट मैनेजर नवल किशोर मंगलवार की सुबह सुरक्षित मुंगेर पहुंच गए हैं। उनके मुंगेर लौटने की सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस सक्रिय हुई और किला परिसर स्थित कोर्ट के पास से उन्हें बरामद कर थाना ले आई।
पुलिस पूछताछ में नवल किशोर ने बताया कि 20 जनवरी की शाम करीब 4 बजे वह लोन रिकवरी के सिलसिले में अपनी बुलेट बाइक से घर से निकले थे। इसी दौरान पारिवारिक परेशानी के कारण वे मानसिक तनाव में आ गए और बिना पत्नी या परिवार को सूचना दिए खगड़िया रेलवे स्टेशन पहुंच गए। खगड़िया स्टेशन पर बाइक पार्क करने के बाद वे ट्रेन से सहरसा गए, फिर भागलपुर होते हुए बस से सिलीगुड़ी पहुंचे। सिलीगुड़ी में उन्होंने एक होटल में करीब 2 दिन बिताए। इसके बाद 23 जनवरी को बस से नेपाल बॉर्डर पहुंचे और वहां से काठमांडू चले गए। 27 जनवरी की सुबह करीब 9 बजे वे साहेबपुरकमाल स्टेशन पहुंचे, जहां से ऑटो द्वारा मुंगेर बस स्टैंड आए। बस स्टैंड पर उनकी मुलाकात गांव के एक चाचा से हुई, जिनके साथ वे किला परिसर स्थित कोर्ट पहुंचे। वही उनकी अपने पिता से भी मुलाकात हुई। पिता ने तुरंत बेटे के मिलने की सूचना कोतवाली पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और नवल किशोर को थाना ले आई।
मुंगेर सदर एसडीपीओ अभिषेक आनंद के अनुसार असिस्टेंट मैनेजर पूरी तरह सुरक्षित हैं। प्रारंभिक जांच में किसी भी तरह की आपराधिक घटना या अपहरण की पुष्टि नहीं हुई है। नवल किशोर ने भी अपहरण की बात से साफ इनकार किया है। पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक पूछताछ में यह स्पष्ट हुआ है कि पारिवारिक कलह और मानसिक तनाव के कारण उन्होंने यह कदम उठाया था। फिलहाल पुलिस मामले की औपचारिक जांच कर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर रही है।